तू बुलाता रहे और मैं आता रहूं

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दरबार को यूँ सजाता रहूं,

तू बुलाता रहे और मैं आता रहूं,

तू बुलाता रहे और मैं आता रहूँ ॥

बैठ तस्वीर तेरी के मैं सामने,

मैं रिझाऊं तुझे,

कुछ तेरी सुनु कुछ अपने भी,

दिल की सुनाऊँ तुझे,

हाल ए दिल के ज़ख़्म,

मैं दिखाता रहूं,

तू बुलाता रहे और मैं आता रहूँ ॥

एक तू ही तो है जो सब जानता,

क्या है दिल में मेरे,

दूर तूने किया तो मैं जी ना सकूंगा,

एक पल भी तेरे,

ज़िन्दगी तेरे दर पे,

बिताता रहूं,

तू बुलाता रहे और मैं आता रहूँ ॥

तेरा मेरा ये रिश्ता सदा सांवरे,

यूँ ही चलता रहे,

‘राधे’ को प्यार तेरा सदा सांवरे,

यूँ ही मिलता रहे,

तुझको भजनो से,

अपने रिझाता रहूं,

तू बुलाता रहे और मैं आता रहूँ ॥

तेरे दरबार को यूँ सजाता रहूं,

तू बुलाता रहे और मैं आता रहूं,

॥ दोहा ॥

तू बुलाता रहे और मैं आता रहूँ ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।