तोरी बगिया में आम की डाल, कोयल बोले कुहू कुहू

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तोरी बगिया में आम की डाल,

कोयल बोले कुहू कुहू ॥

बगिया में माई आसन लागो,

आसन बैठो आन,

कोयल बोले कुहू कुहू ॥

बाग़ में तोरी झूला डरो है,

झूला झूलो आन,

कोयल बोले कुहू कुहू ॥

बाग में भोजन थाल लगी है,

जीमो जीमो आन,

कोयल बोले कुहू कुहू ॥

बाग में तोरी दुखिया बैठे,

विनती सुनलो आन,

कोयल बोले कुहू कुहू ॥

‘राजेंद’ भेंट लये ठाड़े हैं,

भेंट लो जल्दी आन,

कोयल बोले कुहू कुहू ॥

तोरी बगिया में आम की डाल,

कोयल बोले कुहू कुहू ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।