थारो खूब सज्यो दरबार, म्हारा बालाजी सरकार

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

थारो खूब सज्यो दरबार,

म्हारा बालाजी सरकार,

मैं तो आया दर्शन ताइ,

बाला झट आवो दरबार,

बेगा आओ नि बालासा,

थाने अर्ज अपार ॥

बाला तन में सिंदूर धार,

थारे मुख में नागर पान,

थारे हाथ में घोटो धार बाला,

शोभा अपरम्पार,

बेगा आओ नि बालासा,

थाने अर्ज अपार ॥

बाला में हाथां में करताल,

काना में कुण्डल धार,

सदा राम राम गुण गाए बाला,

प्रभु ने रिझाए,

बेगा आओ नि बालासा,

थाने अर्ज अपार ॥

माता अंजनी रा लाल,

बाबा पवनपुत्र हनुमान,

थारी शोभा जग में न्यारी बाला,

जो ध्याए फल पाए,

बेगा आओ नि बालासा,

थाने अर्ज अपार ॥

थारे ‘भगवत’ महिमा गाए,

चरणों में शीश नवाएँ,

म्हारा बालाजी सरकार,

थाने विनती बारम्बार,

बेगा आओ नि बालासा,

थाने अर्ज अपार ॥

थारो खूब सज्यो दरबार,

म्हारा बालाजी सरकार,

मैं तो आया दर्शन ताइ,

बाला झट आवो दरबार,

बेगा आओ नि बालासा,

॥ दोहा ॥

थाने अर्ज अपार ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।