तेरौ ललना

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Shayam Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

जुग जुग जीवै री यशोदा मैया तेरौ ललना

तेरौ ललना नंदरानी तेरौ ललना

जुग जुग जीवै री यशोदा मैया तेरौ ललना

बड़े भाग्य से यशोदा मैया, ऐसौ सुत तैने जायौ

पूरन ब्रह्म जगत को स्वामी, तैनें गोद खिलायौ

याको मांग वादे पलनवा, तेरौ ललना

जुग जुग जीवै री यशोदा मैया तेरौ ललना

धन्य घड़ी जब होय यशोदा, मैया कहकर बोले

नूपुर बाँधि दोऊ चरणन में, घुटमन घुटमन डोलै

पकड़े बाबा की उँगरिया, तेरौ ललना

संतो की वाणी लिरिक्स

जुग जुग जीवै री यशोदा मैया तेरौ ललना

यशोदा मैया तेरो कन्हैया, हमरे प्राण चुरावे

भूख प्यास कछु याद न आवे, ऐसो जादू चलावे

चाहे जितनी बार निहारूँ, मन संतोष न पावे

प्रीत भरी मोहनी सूरतिया, मन को बड़ी लुभावे

आशा लेकर बड़ी दूर से दर्शन करिवें आयौ

मेरौ इष्ट जगत को स्वामी, तैनें गोद खिलायौ

परै दरस बिन कल ना, तेरौ ललना

जुग जुग जीवै री यशोदा मैया तेरौ ललना

नन्द के आनंद भयो, जय कन्हिया लाल की

हाथी घोड़ा पालकी, जय हो नंदलाल की

तीनो लोक के प्रभु पधारे, ब्रज में आनंद छायो

गोपियों के प्रिय ब्रज में आनंद छायो

हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे

हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।