॥ पावन पाठ ॥
तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम, मेरे अलबेले श्याम ।
अलबेले श्याम मेरे मतवाले श्याम ॥
घर बार छोड़ा सब तेरी लगन में,
बाँवरी भई डोलूं ब्रिज की गलिन में ।
मेरे स्वांसो की माला तेरे नाम, मेरे अलबेले श्याम ॥
सांवरे सलोने यही विनती हमारी,
करदो कृपा मैं हूँ दासी तुम्हारी ।
तेरी सेवा करूँ आठों याम, मेरे अलबेले श्याम ॥
जब से लड़ी निगोड़ी तेरे संग अखियाँ,
चैन नहीं, दिन मैं काटूं रो रो के रतियाँ ।
तूने कैसा दिया यह इनाम, मेरे अलबेले श्याम ॥
आऊँगी मिलन को तुमसे कर के बहाने,
सांस रूठे, जेठानी मारे सो सो ताने ।
हूँ घर घर में मैं तो बदनाम, मेरे अलबेले श्याम ॥
तेरी मुरली की मैं हूँ गुलाम, मेरे अलबेले श्याम ।
अलबेले श्याम मेरे मतवाले श्याम ॥
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|| Sacred Verses ||
Teri Murli Ki Main Hoon Gulam, Mere Albele Shyam ।
Albele Shyam Mere Matwale Shyam ॥
Ghar Baar Chhoda Sab Teri Lagan Mein,
Banwari Bhi Dolun Brij Ki Galin Mein ।
Mere Swanso Ki Mala Tere Naam, Mere Albele Shyam ॥
Sanware Salone Yahi Vinti Hamari,
Kardo Krpa Main Hoon Dasi Tumhari ।
Teri Seva Karoon Aathon Yaam, Mere Albele Shyam ॥
Jab Se Ladi Nigodi Tere Sang Akhiyan,
Chain Nahin, Din Main Katoon Ro Ro Ke Ratiyan ।
Tune Kaisa Diya Yah Inam, Mere Albele Shyam ॥
Aaungi Milan Ko Tumse Kar Ke Bahane,
Saans Roothe, Jethani Mare So So Tane ।
Hoon Ghar Ghar Mein Main to Badnam, Mere Albele Shyam ॥
Teri Murli Ki Main Hoon Gulam, Mere Albele Shyam ।
Albele Shyam Mere Matwale Shyam ॥
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