तेरी जय हो गौरी लाल

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Diwali Lakshmi Ganesh Puja Bhajan
॥ दोहा ॥

तेरी जय हो गौरी लाल ॥

॥ चौपाई ॥

दोहा – विघ्न कटे संकट मिटे,

मंगल हो हर काज,

बाधाएं सब दूर करे,

हे गणपति महाराज ॥

पिता जिनके शिव महाकाल,

विघ्नो को देते टाल,

पूजे जग तुमको पहले,

रुतबा देवों में कमाल,

है नमन तुम्हे गणनायक,

तेरी जय हो गौरी लाल ॥

एक दन्त गजमुख तेरा,

तुम चार भुजा के धारी हो,

मोदक प्रिय तुमको है,

मूसक की करते सवारी हो,

कोई लाया फल मेवा,

कोई लाया चढाने दुशाल,

पूजे जग तुमको पहले,

रुतबा देवों में कमाल,

है नमन तुम्हे गणनायक,

तेरी जय हो गौरी लाल ॥

जो गणपति जी का ध्यान धरे,

प्रभु सब उनके संताप हरे,

घर आँगन महके खुशियों से,

रिद्धि सिद्धि घर में निवास करे,

तेरी सेवा में मन लगता,

तभी मुझसे है दूर बवाल,

पूजे जग तुमको पहले,

रुतबा देवों में कमाल,

है नमन तुम्हे गणनायक,

तेरी जय हो गौरी लाल ॥

करते तेरा सब वंदन,

प्रभु आन बिराजो अभिनन्दन,

तुम मनवांछित फल देते,

भक्तों की झोली भर देते,

बस दया रहे तेरी,

कट जाए सब जंजाल,

पूजे जग तुमको पहले,

रुतबा देवों में कमाल,

है नमन तुम्हे गणनायक,

तेरी जय हो गौरी लाल ॥

पिता जिनके शिव महाकाल,

विघ्नो को देते टाल,

पूजे जग तुमको पहले,

रुतबा देवों में कमाल,

है नमन तुम्हे गणनायक,

तेरी जय हो गौरी लाल,

॥ दोहा ॥

तेरी जय हो गौरी लाल ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।