तेरे नाम से मशहूर जिंदगानी हो गई

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरे नाम से मशहूर जिंदगानी हो गई,

लगन जो तेरी लागि,

मैं दीवानी हो गई,

दीवानी हाँ दीवानी,

दीवानी हो गई,

तेरे नाम से मशहूर जिंदगानी हो गई,

हुई जग से परायी शरण तेरी आई,

कहाँ थी मैं देखो कहाँ चली आई,

कहते है साँवरे की मेहरबानी हो गई,

दीवानी हाँ दीवानी,

दीवानी हो गई ॥

तेरा रूप ऐसा मन में समाया,

दीवानी दीवानी दीवानी,

दीवानी हो गई,

कहूं कैसा क्या मैंने पाया,

बेगानी बेगानी बेगानी,

बेगानी हो गई,

पहचान मेरी श्याम ही अब तो,

पहचान मेरी श्याम ही अब तो,

कहानी कहानी कहानी,

कहानी हो गई,

तेरे नाम से मशहुर जिंदगानी हो गई,

लगन जो तेरी लागि,

मैं दीवानी हो गई,

हुई जग से परायी शरण तेरी आई,

कहाँ थी मैं देखो कहाँ चली आई,

कहते है साँवरे की मेहरबानी हो गई,

दीवानी हाँ दीवानी,

दीवानी हो गई ॥

साँवरे तुम नदी तो मैं धारा,

दीवानी दीवानी दीवानी,

दीवानी हो गई,

मेरी कश्ती का तुम हो किनारा,

बेगानी बेगानी बेगानी,

बेगानी हो गई,

तस्वीर ‘जया’ ने दिल में बसाके,

तस्वीर ‘जया’ ने दिल में बसाके,

दीवानी दीवानी दीवानी,

दीवानी हो गई,

तेरे नाम से मशहुर जिंदगानी हो गई,

लगन जो तेरी लागि,

मैं दीवानी हो गई,

हुई जग से परायी शरण तेरी आई,

कहाँ थी मैं देखो कहाँ चली आई,

कहते है साँवरे की मेहरबानी हो गई,

दीवानी हाँ दीवानी,

दीवानी हो गई ॥

लगन जो तेरी लागि,

मैं दीवानी हो गई,

दीवानी हाँ दीवानी,

दीवानी हो गई,

तेरे नाम से मशहूर जिंदगानी हो गईं,

हुई जग से परायी शरण तेरी आई,

कहाँ थी मैं देखो कहाँ चली आई,

कहते है साँवरे की मेहरबानी हो गई,

दीवानी हाँ दीवानी,

॥ दोहा ॥

दीवानी हो गई ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।