तेरे नाम के सहारे मेरी नाव चल रही है

साध्वी पूर्णिमा जी (पूनम दीदी)
श्री कृष्ण भजन भजन साध्वी पूर्णिमा
॥ दोहा ॥

नाम जहाज भव सिंधु में, तारनहार पुनीत।
जो जपे निष्कपट मन, होवे प्रभु से प्रीत॥

॥ चौपाई ॥

तेरे नाम के सहारे मेरी नाव चल रही है।
लहरों से क्या डरना जब संग कन्हैया है॥

तू ही खिवैया मेरा तू ही सहारा।
तेरे भरोसे प्रभुजी छोड़ा जग सारा॥
तूफानों से भी मुझको मोहन तूने निकाला।
तेरे नाम के सहारे मेरी नाव चल रही है॥

॥ दोहा ॥

नाम जपंता नर तरै, कहे संत सुजान।
साध्वी पूर्णिमा गावती, श्याम नाम कल्यान॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

श्री कृष्ण के पावन नाम की महिमा पर अटूट विश्वास — जब प्रभु का नाम साथ हो तो जीवन की नाव हर तूफान में सुरक्षित किनारे लगती है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।