तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरी छाया मे, तेरे चरणों मे,

मगन हो बैठूं, तेरे भक्तो मे ॥

तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है,

जिंदगी मिलती है रोतों को हँसी मिलती है ॥

इक अजब सी मस्ती तन मन पे छाती है,

हर इक जुबां तेरे ओ मैया गीत गाती है,

बजते सितारों से मीठी पुकारो से,

गूंजे जहाँ सारा तेरे ऊँचे जयकारो से,

मस्ती मे झूमे तेरा दर चूमे,

तेरे चारो तरफ दुनिया ये घुमे,

ऐसी मस्ती भी भला क्या कहीं मिलती है,

तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है ॥

मेरी शेरों वाली माँ तेरी हर बात अच्छी है,

करनी की पूरी है माता मेरी सच्ची है,

सुख-दुख बँटाती है अपना बनाती है,

मुश्किल मे बच्चे को माँ ही काम आती है,

रक्षा करती है भक्त अपने की,

बात सच्ची करती उनके सपनो की,

सारी दुनिया की दौलत यही मिलती है,

तेरे दर बार मे मैया खुशी मिलती है ॥

रोता हुआ आये जो हँसता हुआ जाता है,

मन की मुरादो को वो पाता हुआ जाता है,

किस्मत के मारो को रोगी बीमारों को,

करदे भला चंगा मेरी माँ अपने दुलारौ को,

पाप कट जाये चरण छूने से,

महकती है दुनिया माँ धुने से,

फिर तो माँ ऐसी कभी क्या कहीं मिलती है,

॥ दोहा ॥

तेरे दरबार मे मैया खुशी मिलती है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।