तेरे दर ते आंदा रहिंदा मां

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर ते, आंदा, रहिंदा मां,

कदे मेरे, घर वी, आया कर ॥

तेरे सुपने, लैंदा, रहिंदा मां ।

तेरे सुपने, लैंदा, रहिंदा मां,

कदे आ के, दरश, दिखाया कर...

तेरे दर ते, आंदा, रहिंदा मां...

मेरी अख्खां, बड़ी, प्यासियां ने,

अख्खां दी, प्यास, बुझाया कर ।

कदे, मेरे सामने, आ के मां,

तूं अपना, दरश, दिखाया कर ॥

मैं झोली, अड्ड के, आंदा मां ।

मैं झोली, अड्ड के, आंदा मां,

तूं ख़ैर, झोली विच, पाया कर...

तेरे दर ते, आंदा, रहिंदा मां...

जदों नींद, आउंदी, अख्खां विच मां,

सुपने वी, सौण नहीं, देंदे मां ।

तेरे, बिना मां, झंडे वालिए,

मैनूं ताहने, सुणने, पैंदे मां ॥

मैं नच्चदा, गाउंदा, आंदा मां ।

मैं नच्चदा, गाउंदा, आंदा मां,

मैनूं अपने, गले, लगाया कर...

तेरे दर ते, आंदा, रहिंदा मां...

संतो की वाणी लिरिक्स

दरशन, दी प्यास, मिटा माता,

ऐ संतो की वाणी ते, किरपा, कर माता ।

ओथे, रोज़ ही फेरा, पाया कर,

जो दित्ता, मैनूं, घर माता ॥

मैं आस, लगा के, आंदा मां ।

मैं आस, लगा के, आंदा मां,

कदे अपना, फ़र्ज़, निभाया कर...

तेरे दर ते, आंदा, रहिंदा मां...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।