तेरे दर पे मॉ, जिंदगी मिल गई है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर पे माँ,

जिंदगी मिल गई है,

मुझे दुनिया भर की,

ख़ुशी मिल गई है,

तेरे दर पे माँ,

जिंदगी मिल गई है ॥

जमाने से जो ना मिला,

तुमसे पाया,

भटकता हुआ जब मै,

तेरे दर पे आया,

जो दिल में थी हसरत,

वही मिल गई है,

तेरे दर पे मॉ,

जिंदगी मिल गई है ॥

दुखो का शिकंजा,

कसा जा रहा था,

अंधेरो में जीवन,

फसा जा रहा था,

यही राह फिर से,

सही मिल गई है,

तेरे दर पे मॉ,

जिंदगी मिल गई है ॥

ये चर्चे है तीनो,

जहाँ में तुम्हारे,

अगर कोई दर पे,

झोली पसारे,

कहो चीज क्या जो,

नहीं मिल गई है,

तेरे दर पे मॉ,

जिंदगी मिल गई है ॥

तेरे दर पे मॉ,

जिंदगी मिल गई है,

मुझे दुनिया भर की,

ख़ुशी मिल गई है,

तेरे दर पे मॉ,

जिंदगी मिल गई है ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।