तेरे चरण कमल में श्याम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ।

लिपट जाऊ राज बनके,

लिपट जाऊ राज बनके ।

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ॥

नित नित तेरा दर्शन पाऊ,

हर्ष हर्ष के हरी गुण गाऊ ,

मेरी नस नस बस जाऊ श्याम ,

बरस जाओ रस बनके,

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ।

लिपट जाऊ राज बनके,

लिपट जाऊ राज बनके ।

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ॥

छिन छिन* तेरा सुमरण हॉवे,

हर पल तुज्पे अरपन हॉवे,

हरी सब दिन आठो याम,

रुके मन के मनके,

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ।

लिपट जाऊ राज बनके,

लिपट जाऊ राज बनके ।

तेरे चरण कमल में श्याम,

लिपट जाऊ राज बनके ॥

*छिन = छण

आरती कुंजबिहारी की | आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन | श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं | आरती श्री बाल कृष्ण जी की | ॐ जय जगदीश हरे | मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं | कृष्ण भजन | अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं | श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

तेरे चरण कमल में श्याम, लिपट जाऊ राज बनके । Tere Charan Kamal Mein Shyam, Lipat Jau Raaj Banke ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।