तू मांझी बन जा प्रभु, मैं हूँ एक मुसाफ़िर।
तेरी दया के सहारे ही, पहुंचेगी ये आखिर॥
तेरे भरोसे मेरी नाव है कन्हैया, तेरे भरोसे मेरी नाव।
लहरों से अब मुझको डर नहीं लगता, तू जो बन गया खिवैया॥
तेरे भरोसे मेरी नाव है कन्हैया॥
आंधियाँ आएँ चाहे तूफ़ान आएँ, घोर घटाएं भले ही घिर जाएँ।
जिसके सिर पर हाथ तुम्हारा, उसको भला कोई क्या डिगाए॥
तू ही मेरी शक्ति तू ही मेरा बल, तू ही जीवन का सच्चा संबल॥
तेरे भरोसे मेरी नाव है कन्हैया॥
छोड़ दी मैंने चिंता सारी, सौंप दी डोरी हाथ तिहारी।
चाहे डुबाओ चाहे पार लगाओ, जो चाहो सो रूप दिखाओ॥
तेरे चरणों की छाया में जीना, तेरे प्रेम का अमृत पीना॥
तेरे भरोसे मेरी नाव है कन्हैया॥
संजय मित्तल का विश्वास अटल है, खाटू वाला हर पल संग है।
महिमा तुम्हारी गाते रहेंगे, जय जय सांवरिया कहते रहेंगे॥
तेरे भरोसे मेरी नाव है कन्हैया॥
नाव पुरानी धार नई, मांझी श्याम सुजान।
संजय मित्तल निर्भय भयो, मिल्यो अभय वरदान॥