तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे,

तू लगे दूल्हा सा दिलदार सांवरे ।

तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे,

तू लगे दूल्हा सा दिलदार सांवरे ।

मस्तक पर मलियागिरी चन्दन,

केसर तिलक लगाया ।

मोर मुकुट कानो में कुण्डल,

इत्र खूब बरसाया ।

महकता रहे यह दरबार सांवरे,

तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे ॥

बागो से कलियाँ चुन चुन कर,

सुन्दर हार बनाया ।

रहे सलामत हाथ सदा वो,

जिसने तुझे सजाया ।

सजाता रहे वो हर बार सांवरे

तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे ॥

बोल सांवरे बोल तुम्हे मैं,

कौन सा भजन सुनाऊँ ।

ऐसा कोई राग बतादे,

तू नाचे मैं गाऊं ।

नचाता रहूँ मैं, हर बार सांवरे,

तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे ॥

तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे,

तू लगे दूल्हा सा दिलदार सांवरे ।

तेरा किसने किया श्रृंगार सांवरे,

तू लगे दूल्हा सा दिलदार सांवरे ।

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।