तेरा गुड़गांव में धाम, मेरी मात शीतला महारानी

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Maa Sheetala Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ के माथे पै टीका साज रहा ।

तेरी बिन्दियां करे कमाल, हो कमाल !

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ के गले मै हरवा साज रहा ।

तेरी नधनी करे कमाल, हो कमाल !

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ के हाथों मे चुड़ियां साज रही ।

तेरी मेंहदी करे कमाल, हो कमाल!

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ अंग मै साड़ी साज रही ।

माँ की चुनरी करै कमाल, हो कमाल!

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ के पैरों मे पायल साज रही ।

माँ के बिछुए (महावर)करै कमाल, हो कमाल!

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ के भोग मे हलवा साज रहा ।

माँ के छोले करें कमाल, हो कमाल !

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ के भवन मे ज्योत विराज रही ।

माँ के दर्शन करै कमाल, हो कमाल !

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।