तारा है सारा जमाना, श्याम हम को भी तारो

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

तारा है सारा जमाना,

श्याम हम को भी तारो ।

हम को भी तारो,

श्याम हम को भी तारो ॥

हम ने सुना है,

श्याम मीरा को तारा,

वीणा का करके बहाना,

श्याम हम भी तारो ।

तारा है सारा जमाना,

श्याम हम को भी तारो ।

हम को भी तारो,

श्याम हम को भी तारो ॥

हमने सुना है,

श्याम द्रोपदी को तारा,

साडी का करके बहाना,

श्याम हम को भी तारो ।

तारा है सारा जमाना,

श्याम हम को भी तारो ।

हम को भी तारो,

श्याम हम को भी तारो ॥

हमने सुना है,

श्याम कुब्जा को तारा,

चन्दन का करके बहाना,

श्याम हम को भी तारो ।

तारा है सारा जमाना,

श्याम हम को भी तारो ।

हम को भी तारो,

श्याम हम को भी तारो ॥

हमने सुना है,

श्याम गणिका को तारा,

तोते का करके बहाना,

श्याम हम को भी तारो ।

तारा है सारा जमाना,

श्याम हम को भी तारो ।

हम को भी तारो,

श्याम हम को भी तारो ॥

हमने सुना है,

श्याम अर्जुन को तारा,

गीता का करके बहाना,

श्याम हम को भी तारो ।

तारा है सारा जमाना,

श्याम हम को भी तारो ।

हम को भी तारो,

श्याम हम को भी तारो ॥

हमने सुना है,

श्याम प्रहलाद को तारा,

खम्बे का करके बहाना,

श्याम हम को भी तारो ।

तारा है सारा जमाना,

श्याम हम को भी तारो ।

हम को भी तारो,

श्याम हम को भी तारो ॥

हमने सुना है,

श्याम केवट को तारा,

नौका का करके बहाना,

श्याम हम को भी तारो ।

तारा है सारा जमाना,

श्याम हम को भी तारो ।

हम को भी तारो,

॥ दोहा ॥

श्याम हम को भी तारो ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।