तनोट माता की आरती

पारंपरिक
माता दुर्गा आरती Aarti Tanot Mata Ki Aarti Aarti
॥ पावन पाठ ॥

ॐ जय तनोट ईश्वरी, मैया जय तनोट ईश्वरी।

जो नर तुमको ध्याते, दुख-विपत्ति हरी॥

धोरा ऊपर मन्दिर आपरो, शोभा अति भारी।

मन्दिर आगे सागर चमके, सेवा करे थारी॥ ॐ…

संतो की वाणी लिरिक्स

सन उन्नीस सौ पैसठ में, सबको जान पड़ी।

शरण आई जब फौजां, मैया रक्षा करी॥ ॐ…

शत्रु दल ने गोले फेके, मन्दिर शीश धरी।

कृपा भई जब थारी, बम न एक फटी॥ ॐ…

दुश्मन हम पर बार-बार, घातक घात करी।

शक्ति दिखी जब थारी, तोपां उलट पड़ी॥ ॐ…

भाटी कुल की देवी, थार की तू ईश्वरी।

विजय ध्वज फहराया, संकट दूर करी॥ ॐ…

हिन्दू ध्यावे, मुस्लिम ध्यावे, सब जग दया करी।

॥ दोहा ॥

हम सब मिल गुण गावे, चरणां शीश धरी॥ ॐ…

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

आरती: तनोट माता की आरती वीडियो के लिरिक्स / बोल हिन्दी और अंग्रेज़ी में सुनें |

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।