स्वीकार हमें करले, हम दुखड़ो के मारे है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

स्वीकार हमें करले,

हम दुखड़ो के मारे है,

तू कह दे कहाँ जाएं,

बस तेरे सहारे है,

स्वीकार हमे करले,

हम दुखड़ो के मारे है ॥

जो दर पे गया तेरे,

सम्मान दिया तूने,

बिन बोले कष्टों को,

पहचान लिया तूने,

पहचान लिया तूने,

तू अंतर्यामी है,

हम मुरख सारे है,

तू कह दे कहाँ जाएं,

बस तेरे सहारे है,

स्वीकार हमे करले,

हम दुखड़ो के मारे है ॥

धन दौलत की हमको,

परवाह नहीं दाता,

चरणों की धुल मिले,

बस चाह यही बाबा,

बस चाह यही बाबा,

दर से ना ठुकराना,

तेरी आँख के तारे है,

तू कह दे कहाँ जाएं,

बस तेरे सहारे है,

स्वीकार हमे करले,

हम दुखड़ो के मारे है ॥

जिस ओर नज़र फेरूँ,

बस तू ही नज़र आए,

अब छोड़ के दर तेरा,

ये ‘हर्ष’ किधर जाए,

ये ‘हर्ष’ किधर जाए,

आ हमको माफ़ी दे,

हम पापी सारे है,

तू कह दे कहाँ जाएं,

बस तेरे सहारे है,

स्वीकार हमे करले,

हम दुखड़ो के मारे है ॥

स्वीकार हमें करले,

हम दुखड़ो के मारे है,

तू कह दे कहाँ जाएं,

बस तेरे सहारे है,

स्वीकार हमे करले,

॥ दोहा ॥

हम दुखड़ो के मारे है ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।