॥ पावन पाठ ॥
स्वागतं कृष्णा शरणागतं कृष्णा,
स्वागतं सुस्वागतं शरणागतं कृष्णा,
स्वागतं सुस्वागतं शरणागतं कृष्णा,
स्वागतं कृष्णा शरणागतं कृष्णा ॥
अभी आता ही होगा सलोना मेरा,
हम राह उसी की तका करते हैं,
कविता-सविता नहीं जानते हैं,
मन में जो आया सो बका करते हैं ॥
चलते-चलते जो थका करते हैं,
उनका रस रूप पिया करते हैं,
उनकी छवि-छाक छका करते हैं ॥
अपने प्रभु को हम ढूंढ लियो,
जैसे लाल अमोलख लाखों में,
प्रभु के अंग में जितनी नरमी,
उतनी नर्मी नहीं माखन में ॥
स्वागतं कृष्णा शरणागतं कृष्णा,
स्वागतं सुस्वागतं शरणागतं कृष्णा,
स्वागतं सुस्वागतं शरणागतं कृष्णा,
स्वागतं कृष्णा शरणागतं कृष्णा ॥
आरती कुंजबिहारी की | आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन | श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं | आरती श्री बाल कृष्ण जी की | ॐ जय जगदीश हरे | मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं | कृष्ण भजन | अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं | श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी
|| Sacred Verses ||
Swagatam Krishna Sharanagatam Krishna,
Suswagatam Sharanagatam Krishna,
Suswagatam Sharanagatam Krishna,
Swagatam Krishna Sharanagatam Krishna ॥
Abhi Aata Hi Hoga Salona Mera,
Hum Raah Usi Ki Taka Karte Hain,
Kavita-savita Nahin Jaante Hain,
Man Mein Jo Aaya So Baka Karte Hain ॥
Padte Unke Pad Pankaj Mein,
Chalte-chalte Jo Thaka Karte Hain,
Unka Ras Roop Piya Karte Hain,
Unki Chhavi-chhaak Chhaka Karte Hain ॥
Apne Prabhu Ko Hum Dhoondh Liyo,
Jaise Lal Amolakh Laakhon Mein,
Prabhu Ke Ang Mein Jitni Narmi,
Utni Narmi Nahin Maakhan Mein ॥
Swagatam Krishna Sharanagatam Krishna,
Swagatam Suswagatam Sharanagatam Krishna,
Swagatam Suswagatam Sharanagatam Krishna,
Swagatam Krishna Sharanagatam Krishna ॥
आरती कुंजबिहारी की | आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन | श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं | आरती श्री बाल कृष्ण जी की | ॐ जय जगदीश हरे | मधुराष्टकम्: धरं मधुरं वदनं मधुरं | कृष्ण भजन | अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं | श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी