सूर्य कवच

संत सूरदास
श्री राम मंत्र Mantra Surya Dev Mantra
॥ पावन पाठ ॥

याज्ञवल्क्य उवाच:

श्रुणुष्व मुनिशार्दूल सूर्यस्य कवचं शुभम् ।

शरीरारोग्यदं दिव्यं सर्व सौभाग्यदायकम् ॥1॥

दैदिप्यमानं मुकुटं स्फ़ुरन्मकरकुण्डलम् ।

ध्यात्वा सहस्रकिरणं स्तोत्रमेतदुदीरयेत् ॥2॥

शिरो मे भास्करः पातु ललाटे मेSमितद्दुतिः ।

नेत्रे दिनमणिः पातु श्रवणे वासरेश्वरः ॥3॥

घ्राणं धर्म धृणिः पातु वदनं वेदवाहनः।

जिह्वां मे मानदः पातु कंठं मे सुरवंदितः ॥4॥

स्कंधौ प्रभाकरं पातु वक्षः पातु जनप्रियः ।

पातु पादौ द्वादशात्मा सर्वागं सकलेश्वरः ॥5॥

सूर्यरक्षात्मकं स्तोत्रं लिखित्वा भूर्जपत्रके ।

दधाति यः करे तस्य वशगाः सर्वसिद्धयः ॥6॥

सुस्नातो यो जपेत्सम्यक् योSधीते स्वस्थ मानसः ।

स रोगमुक्तो दीर्घायुः सुखं पुष्टिं च विंदति ॥7॥

॥ इति सूर्य कवच सम्पूर्णम् ॥

आरोग्य एवम् विजय प्राप्त्यर्थ हेतु सूर्य भगवान का श्री सूर्य कवच।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।