सुरसुरी जी

पारंपरिक
अन्य संत साहित्य Bhakt Sursuri Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | सुरसुरी जी

नाम - सुरसुरी जी

अन्य नाम -

आराध्य -

जन्म -

जन्म स्थान -

वैवाहिक स्थिति -

पति -

भाषा -

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।