सूरत पे जाऊँ बलिहार, बाबा तेरी, सूरत पे जाऊ बलिहार

संत सूरदास
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सूरत पे जाऊँ बलिहार,

बाबा तेरी,

सूरत पे जाऊ बलिहार,

जाऊँ बलिहार तोहरे जाऊँ बलिहार,

सूरत पे जाऊ बलिहार,

बाबा तेरी,

सूरत पे जाऊ बलिहार ॥

पग में तेरे पैजनिया बाजे,

राम धुन लागी तू,

छम छम नाचे,

पायल पे जाऊँ बलिहार,

बाबा तेरी,

सूरत पे जाऊ बलिहार ॥

फूलों का बाबा गजरा बनाया,

राम जी के प्यारे तुम्हें,

पहनाने आया,

आज तोहरी नज़र लूँ उतार,

बाबा तेरी,

सूरत पे जाऊ बलिहार ॥

सालासर के हे महाराजा,

पूर्ण करियो सबके काजा,

‘दीनू’ करे तुझसे पुकार,

‘आशु’ तेरा करता रहे श्रृंगार,

सूरत पे जाऊ बलिहार,

बाबा तेरी,

सूरत पे जाऊ बलिहार ॥

सूरत पे जाऊँ बलिहार,

बाबा तेरी,

सूरत पे जाऊ बलिहार,

जाऊँ बलिहार तोहरे जाऊँ बलिहार,

सूरत पे जाऊ बलिहार,

बाबा तेरी,

॥ दोहा ॥

सूरत पे जाऊ बलिहार ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।