सूरत बड़ी है प्यारी माँ की

संत सूरदास
महादेव भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सूरत बड़ी है प्यारी माँ की,

मूरत की क्या बात है,

सर पर सोहे मुकुट सुनहरा,

त्रिशूल चक्र भी हाथ है,

सज धज कर बैठी हो मैया,

अजब निराली ठाट है,

वाह वाह क्या बात है,

वाह वाह क्या बात है ॥

छवि तुम्हारी ऐसी मैया,

दूजी कोई और नहीं,

तीन लोक तेरे जैसा,

दूजा माँ सिरमौर नहीं,

लाल लाल मेहंदी ज्वाला जी,

रची तुम्हारे हाथ है,

वाह वाह क्या बात है,

वाह वाह क्या बात है ॥

हर एक रूप में प्यारी लगती,

सबका चित्त चुराती हो,

भक्त तुम्हारा भजन करे तो,

मन ही मन मुस्काती हो,

अंबर से होती है तुझपे,

फूलो की बरसात है,

वाह वाह क्या बात है,

वाह वाह क्या बात है ॥

आज तुम्हारे इस दर्शन को,

सेवक तुम्हारे आये है,

चोखानी के तुमने ही तो,

बिगड़े काज बनाये है,

सिंघ सवारी करती मैया,

अजब निराली शान है,

वाह वाह क्या बात है,

वाह वाह क्या बात है ॥

सूरत बड़ी है प्यारी माँ की,

मूरत की क्या बात है,

सर पर सोहे मुकुट सुनहरा,

त्रिशूल चक्र भी हाथ है,

सज धज कर बैठी हो मैया,

अजब निराली ठाट है,

वाह वाह क्या बात है,

वाह वाह क्या बात है ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।