सूरज चंदा तारे उसके

संत सूरदास
श्री राम भजन Bhajan Shri Ram Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सूरज चंदा तारे उसके,

धरती आसमान,

दिन भी उसका रात भी उसकी,

उसकी सुबह और शाम,

राम की राम ही जाने राम ॥

संत जनो की रक्षा हेतु,

धनुष राम ने धारा,

दुष्टों का संहार किया,

भक्तों को पार उतारा,

पहले था ना आगे होगा,

जैसे राजा राम,

दिन भी उसका रात भी उसकी,

उसकी सुबह और शाम,

राम की राम ही जाने राम ॥

आदर और सत्कार बड़ों का,

मात पिता की पूजा,

प्राण जाए पर वचन ना जाए,

नहीं उदाहरण दूजा,

नहीं भाई कोई लक्ष्मण जैसा,

यति सदी बलवान,

दिन भी उसका रात भी उसकी,

उसकी सुबह और शाम,

राम की राम ही जाने राम ॥

मर्यादा पुरुषोत्तम की है,

लीला अजब न्यारी,

चरणों ठोकर से प्रभु की,

शिला हो गयी नारी,

राम कथा से ही मिल जाये,

सबको मुक्ति धाम,

दिन भी उसका रात भी उसकी,

उसकी सुबह और शाम,

राम की राम ही जाने राम ॥

सूरज चंदा तारे उसके,

धरती आसमान,

दिन भी उसका रात भी उसकी,

उसकी सुबह और शाम,

॥ दोहा ॥

राम की राम ही जाने राम ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।