सुनलो अरज मेरी सालासर वाले

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सुनलो अरज मेरी सालासर वाले,

सुमिरन है वंदन है,

मुझे चरणों से लगा ले,

ओ बाबा घाटे वाले,

तेरे बिन कौन संभाले,

हटा कर बादल काले,

करो अब नए उजाले,

सुनलो अरज़ सुनलो अरज़ ॥

तुमसा ना जग में कोई बलधारी,

रहे राम के आज्ञाकारी,

राम नाम के तुम हो बड़े मतवाले,

पार करो उद्धार करो,

ये जीवन तेरे हवाले,

ओ बाबा घाटे वाले,

तेरे बिन कौन संभाले,

हटा कर बादल काले,

करो अब नए उजाले,

सुनलो अरज़ सुनलो अरज़ ॥

कैसे धीरज दिल को बंधाऊँ,

दया की जब तक बूँद ना पाऊं,

हूँ दीवाना तेरा,

चाहे तू आज़मा ले,

भर के नज़र देखो इधर,

अब मुझे तू अपना ले,

ओ बाबा घाटे वाले,

तेरे बिन कौन संभाले,

हटा कर बादल काले,

करो अब नए उजाले,

सुनलो अरज़ सुनलो अरज़ ॥

SantoKiVani Lyrics

सुनलो अरज मेरी सालासर वाले,

सुमिरन है वंदन है,

मुझे चरणों से लगा ले,

ओ बाबा घाटे वाले,

तेरे बिन कौन संभाले,

हटा कर बादल काले,

करो अब नए उजाले,

॥ दोहा ॥

सुनलो अरज़ सुनलो अरज़ ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।