भगवान मुरुगन के 108 नाम (108 names of Lord Murugan)

पारंपरिक
श्री राम मंत्र Mantra Bhagwan Karthikeya Mantra
॥ पावन पाठ ॥

भगवान मुरुगन के 108 नाम | भगवान सुब्रमण्यम की अष्टोत्तर शतनामावली

1 ॐ स्कन्दाय नमः।

2 ॐ गुहाय नमः।

3 ॐ षण्मुखाय नमः।

4 ॐ फालनेत्रसुताय नमः।

5 ॐ प्रभवे नमः।

6 ॐ पिङ्गलाय नमः।

7 ॐ कृत्तिकासूनवे नमः।

8 ॐ शिखिवाहनाय नमः।

9 ॐ द्विषड्भुजाय नमः।

10 ॐ द्विषण्णेत्राय नमः।

11 ॐ शक्तिधराय नमः।

12 ॐ पिशिताशप्रभञ्जनाय नमः।

13 ॐ तारकासुरसंहर्त्रे नमः।

14 ॐ रक्षोबलविमर्दनाय नमः।

15 ॐ मत्ताय नमः।

16 ॐ प्रमत्ताय नमः।

17 ॐ उन्मत्ताय नमः।

18 ॐ सुरसैन्यसुरक्षकाय नमः।

19 ॐ देवासेनापतये नमः।

20 ॐ प्राज्ञाय नमः।

21 ॐ कृपालवे नमः।

22 ॐ भक्तवत्सलाय नमः।

23 ॐ उमासुताय नमः।

24 ॐ शक्तिधराय नमः।

25 ॐ कुमाराय नमः।

26 ॐ क्रौञ्चदारणाय नमः।

27 ॐ सेनानिये नमः।

28 ॐ अग्निजन्मने नमः।

29 ॐ विशाखाय नमः।

30 ॐ शङ्करात्मजाय नमः।

31 ॐ शिवस्वामिने नमः।

32 ॐ गणस्वामिने नमः।

33 ॐ सर्वस्वामिने नमः।

34 ॐ सनातनाय नमः।

35 ॐ अनन्तशक्तये नमः।

36 ॐ अक्षोभ्याय नमः।

37 ॐ पार्वतीप्रियनन्दनाय नमः।

38 ॐ गङ्गासुताय नमः।

39 ॐ शरोद्भूताय नमः।

40 ॐ आहुताय नमः।

41 ॐ पावकात्मजाय नमः।

42 ॐ जृम्भाय नमः।

43 ॐ प्रजृम्भाय नमः।

44 ॐ उज्जृम्भाय नमः।

45 ॐ कमलासनसंस्तुताय नमः।

46 ॐ एकवर्णाय नमः।

47 ॐ द्विवर्णाय नमः।

48 ॐ त्रिवर्णाय नमः।

49 ॐ सुमनोहराय नमः।

50 ॐ चुतुर्वर्णाय नमः।

51 ॐ पञ्चवर्णाय नमः।

52 ॐ प्रजापतये नमः।

53 ॐ अहस्पतये नमः।

54 ॐ अग्निगर्भाय नमः।

55 ॐ शमीगर्भाय नमः।

56 ॐ विश्वरेतसे नमः।

57 ॐ सुरारिघ्ने नमः।

58 ॐ हरिद्वर्णाय नमः।

59 ॐ शुभकराय नमः।

60 ॐ वसुमते नमः।

61 ॐ वटुवेषभृते नमः।

62 ॐ पूष्णे नमः।

63 ॐ गभस्तये नमः।

64 ॐ गहनाय नमः।

65 ॐ चन्द्रवर्णाय नमः।

66 ॐ कलाधराय नमः।

67 ॐ मायाधराय नमः।

68 ॐ महामायिने नमः।

69 ॐ कैवल्याय नमः।

70 ॐ शङ्करात्मजाय नमः।

71 ॐ विश्वयोनये नमः।

72 ॐ अमेयात्मने नमः।

73 ॐ तेजोनिधये नमः।

74 ॐ अनामयाय नमः।

75 ॐ परमेष्ठिने नमः।

76 ॐ परब्रह्मणे नमः।

77 ॐ वेदगर्भाय नमः।

78 ॐ विराट्सुताय नमः।

79 ॐ पुलिन्दकन्याभर्त्रे नमः।

80 ॐ महासारस्वतव्रताय नमः।

81 ॐ आश्रिताखिलदात्रे नमः।

82 ॐ चोरघ्नाय नमः।

83 ॐ रोगनाशनाय नमः।

84 ॐ अनन्तमूर्तये नमः।

85 ॐ आनन्दाय नमः।

86 ॐ शिखण्डिकृतकेतनाय नमः।

87 ॐ डम्भाय नमः।

88 ॐ परमडम्भाय नमः।

89 ॐ महाडम्भाय नमः।

90 ॐ वृषाकपये नमः।

91 ॐ कारणोपात्तदेहाय नमः।

92 ॐ कारणातीतविग्रहाय नमः।

93 ॐ अनीश्वराय नमः।

94 ॐ अमृताय नमः।

95 ॐ प्राणाय नमः।

96 ॐ प्राणायामपरायणाय नमः।

97 ॐ विरुद्धहन्त्रे नमः।

98 ॐ वीरघ्नाय नमः।

99 ॐ रक्तश्यामगळाय नमः।

100 ॐ श्यामकन्धराय नमः।

101 ॐ महते नमः।

102 ॐ सुब्रह्मण्याय नमः।

103 ॐ गुहप्रीताय नमः।

104 ॐ ब्रह्मण्याय नमः।

105 ॐ ब्राह्मणप्रियाय नमः।

106 ॐ वेदवेद्याय नमः।

107 ॐ अक्षयफलप्रदाय नमः।

108 ॐ वल्ली देवसेनासमेत श्री सुब्रह्मण्यस्वामिने नमः।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भगवान मुरुगन के 108 नाम | भगवान सुब्रमण्यम की अष्टोत्तर शतनामावली | 108 names of Lord Murugan Ashtottara Shatnamavali of Lord Subramaniam

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।