श्रीवत्स वक्ष सबसे शक्तिशाली महालक्ष्मी धन मंत्र

पारंपरिक
माता लक्ष्मी मंत्र Mantra Powerful Mahalakshmi Money Mantra Mantra
॥ दोहा ॥

श्रीवत्सवक्षाः श्रीवासः श्रीपतिः श्रीमतां वरः। श्रीदः श्रीशः श्रीनिवासः श्रीनिधिः श्रीविभावनः। श्रीधरः श्रीकरः श्रेयः श्रीमान् लोकत्रयाश्रयः ॥

॥ चौपाई ॥

मंत्र का अर्थ

इस मंत्र में भगवान विष्णु के उन दिव्य नामों का वर्णन है, जो धन और ऐश्वर्य के प्रतीक हैं—श्रीवत्सवक्षाः जिनके वक्षस्थल पर 'श्रीवत्स' (माता लक्ष्मी का निवास) चिह्न है। श्रीवासः जो स्वयं माता लक्ष्मी के निवास स्थान हैं। श्रीपतिः जो माता लक्ष्मी के स्वामी हैं। श्रीदः भक्तों को समृद्धि (धन) देने वाले। श्रीनिधिः समृद्धि और ऐश्वर्य के भंडार। लोकत्रयाश्रयः तीनों लोकों के आश्रय।

श्रीवत्स वक्षाः मंत्र

भगवान विष्णु के प्रसिद्ध विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का एक अत्यंत शक्तिशाली श्लोक है। यह मंत्र धन, ऐश्वर्य, सुख-समृद्धि और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।