श्रील प्रभुपाद प्रणति

पारंपरिक
श्री कृष्ण मंत्र Mantra Prabhupada Mantra
॥ पावन पाठ ॥

नम ॐ विष्णु-पादाय कृष्ण-प्रेष्ठाय भूतले

श्रीमते भक्तिवेदांत-स्वामिन् इति नामिने ।

नमस्ते सारस्वते देवे गौर-वाणी-प्रचारिणे

॥ दोहा ॥

निर्विशेष-शून्यवादि-पाश्चात्य-देश-तारिणे ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

नम ॐ विष्णु-पादाय कृष्ण-प्रेष्ठाय भूतले, श्रीमते भक्तिवेदांत-स्वामिन् इति नामिने । nama om vishnu-padaya krishna-preshthaya bhu-tale, srimate bhaktivedanta-svamin iti namine.

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।