श्री विज्ञ राजं भजे - गणेश मंत्र

पारंपरिक
श्री गणेश मंत्र Mantra Shri Ganesh Mantra
॥ पावन पाठ ॥

पल्लवि

श्री विज्ञ राजं भजे - भजेहम् भजेहम्

भजेहम् भजे - तमिह

अनुपल्लवि

सन्ततमहम् कुन्जरमुहम्

शन्करसुतम् - तमिह

सन्ततमहम् दन्ति सुन्दर मुखम्

अन्तकान्तक सुतम् - सिव

शन्करि सुतम् - तमिह

चरणम् 1

सेवित सुरेन्द्र महनीय गुणशीलम्

जपत समादि सुख वरद - अनुकूलम्

भावित सुरमणि गन भक्त परिपालम्

भयन्कर विशन्ग मातन्ग कुलकालम्

चरणम् 2

कनक केयूर हारावलि कलित

गम्भीर गौरगिरि शोभम् सुशोभम्

कामादि भय भरित मूड मद

कलिकलुश कन्तित मखन्ड प्रतापम् - प्रतापम्

सनक सुख नारद पदन्जलि पराच्हर

मतन्ग मुनिसन्ग सल्लापम् - सल्लापम्

सत्य पर मब्ज नयनप्रमुद मुक्तिकर

तत्वमसि नित्य निगमादि स्वरूपम्

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।