सोने की लंका जलाए गयो रे, एक छोटो सो वानर

संत सूरदास
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सोने की लंका जलाए गयो रे,

एक छोटो सो वानर,

छोटो सो वानर,

एक छोटो सो वानर,

रावण को पानी पिलाए गयो रे,

एक छोटो सो वानर,

सोने की लंका जलाये गयो रे,

एक छोटो सो वानर ॥

बालापन में सूरज ने निगल्यौ,

फल समझ कर खा गयो रे,

एक छोटो सो वानर,

सोने की लंका जलाये गयो रे,

एक छोटो सो वानर ॥

शक्ति बाण लग्यो लक्ष्मण के,

लक्ष्मण के प्राण बचा गयो रे,

एक छोटो सो वानर,

सोने की लंका जलाये गयो रे,

एक छोटो सो वानर ॥

धोखे से रावण ने सीता को हरली,

माता को पतों लगाय गयो रे,

एक छोटो सो वानर,

सोने की लंका जलाये गयो रे,

एक छोटो सो वानर ॥

किसी ने पूछा तेरा राम है कहाँ पर,

सीना फाड़ दिखाय गयो रे,

एक छोटो सो वानर,

सोने की लंका जलाये गयो रे,

एक छोटो सो वानर ॥

चुन चुन करके दुष्टो को मारा,

दानव के छक्के छुड़ाए गयो रे,

एक छोटो सो वानर,

सोने की लंका जलाये गयो रे,

एक छोटो सो वानर ॥

दानव संहारे ‘हर्ष’ लंका को जीता,

सीता को राम से मिलाए गयो रे,

एक छोटो सो वानर,

सोने की लंका जलाये गयो रे,

एक छोटो सो वानर ॥

सोने की लंका जलाए गयो रे,

एक छोटो सो वानर,

छोटो सो वानर,

एक छोटो सो वानर,

रावण को पानी पिलाए गयो रे,

एक छोटो सो वानर,

सोने की लंका जलाये गयो रे,

॥ दोहा ॥

एक छोटो सो वानर ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।