सिया जी से पूछ रहे अंजनी के लाला

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Hanuman Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सिया जी से पूछ रहे अंजनी के लाला,

मांग में सिंदूर मैया किस लिए डाला,

सिया जी से पूछ रहें अंजनी के लाला ॥

हनुमत की वाणी सुन सिया मुस्कुराई,

पीछा छुड़ाने की युक्ति बनायी,

खुश होंगे मेरे स्वामी इसलिए डाला,

सिया जी से पूछ रहें अंजनी के लाला,

मांग मे सिंदूर मैया किस लिए डाला ॥

हनुमत ने सोचा मैं भी राम को रिझाउंगा,

मैया ने लगाया मैं ज्यादा लगाऊंगा,

ऐसा कहके हनुमान ने पूरा तन रंग डाला,

सिया जी से पूछ रहें अंजनी के लाला,

मांग मे सिंदूर मैया किस लिए डाला ॥

मैया ने बताया वही रास्ता अपनाऊंगा,

राम जी के चरणों का दास बन जाऊंगा,

राम जी के नाम की जपूंगा मैं तो माला,

सिया जी से पूछ रहें अंजनी के लाला,

मांग मे सिंदूर मैया किस लिए डाला ॥

जब दरबार में बैठे श्री राम जी,

चरणों में शीश झुकाएं हनुमान जी,

अजर अमर तुम अंजनी के लाला,

ऐसा वरदान सीता माता ने दे डाला,

सिया जी से पूछ रहें अंजनी के लाला,

मांग मे सिंदूर मैया किस लिए डाला ॥

सिया जी से पूछ रहे अंजनी के लाला,

मांग में सिंदूर मैया किस लिए डाला,

॥ दोहा ॥

सिया जी से पूछ रहें अंजनी के लाला ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।