श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम लोग करें मीरा को यूं ही बदनाम

देवी चित्रलेखा
श्री कृष्ण भजन भजन देवी चित्रलेखा
॥ दोहा ॥

अधरों पर बंशी सजी, गूंजे राधा नाम।
देवी चित्रलेखा गावती, जय जय श्यामा श्याम॥

॥ चौपाई ॥

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम।
लोग करें मीरा को यूं ही बदनाम॥
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम॥

सांवरे की बंसी जब भी बजे, राधा के मन में तरंग सजे।
सुधबुध अपनी खोई सखियों ने, प्रेम सुधा रस हर पल बरसे॥
सारे जग में गूंजे बस एक ही नाम।
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम॥

मीरा ने छोड़ा महलों का सुख, सहती रही जो जग का दुख।
विष का प्याला हँस के पिया, एक कन्हैया को मन दिया॥
भक्ति की महिमा गाए सारा जहान।
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम॥

देवी चित्रलेखा कहे ओ गिरधारी, तेरी मुरलिया बड़ी प्यारी।
सुन के धुन तोहे शीश नवाऊं, जाऊं मैं तेरे रूप बलिहारी॥
चरणों में तेरे है चारों धाम।
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम॥

॥ दोहा ॥

मुरली की मीठी धुन पे, नाचे ब्रज संसार।
देवी चित्रलेखा वंदन करे, जय बांके सरकार॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

मुरली में गूंजते राधा नाम और मीरा के निष्काम प्रेम की अमर गाथा।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।