श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम

रवींद्र जैन
श्री कृष्ण भजन भजन कृष्ण
॥ दोहा ॥

श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम।
लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम॥

॥ चौपाई ॥

राधा का भी श्याम वो तो मीरा का भी श्याम।
लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम॥
श्याम तेरी बंसी...

कौन जाने बांसुरिया को किसकी लगी है प्यास।
राधा के मन में भी कान्हा, मीरा के मन में वास॥
एक ने पाया रूप नगर में, एक ने मन के धाम।
लोग करें मीरा को यूँ ही बदनाम॥
श्याम तेरी बंसी...

राधा ने मधुबन में ढूँढ़ा, मीरा ने मन माहीं।
प्रेम का सागर एक ही दोनों, भेद कछू भी नाहीं॥
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम...

॥ दोहा ॥

राधा अनुराग की मूरत, मीरा वैराग्य की सूरत।
दोनों ही तर गईं तर गईं, भजि श्री कृष्ण को नाम॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

श्री राधारानी के दांपत्य-प्रेम और भक्त शिरोमणि मीरा बाई के अनन्य वैराग्यमय समर्पण की तुलना करने वाला अमर भाव-गीत।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।