॥ दोहा ॥
बीच भंवर में नाव है, तू ही खेवनहार।
पूजा सखी पुकारसी, कर दो भव से पार॥
॥ चौपाई ॥
श्याम तेरे भरोसे मेरी नाव है।
तू ही तो मेरा खेवनहार है॥
श्याम तेरे भरोसे मेरी नाव है॥
संसार के थपेड़े चाहे जितने सताएं।
तूफान भी आए तो कदम न डगमगाएं॥
जब सिर पे तुम्हारा वरद हाथ है।
श्याम तेरे भरोसे मेरी नाव है॥
मैंने तो छोड़ दी जग की ये डोरियां।
सच्ची हैं बस तेरी ही ये प्रीतियां॥
हारे का तू ही सच्चा प्यार है।
श्याम तेरे भरोसे मेरी नाव है॥
पूजा सखी कहे खाटू वाले सुनो।
अपने सेवकों में मेरा नाम चुनो॥
चरणों में तेरे मेरा संसार है।
श्याम तेरे भरोसे मेरी नाव है॥
॥ दोहा ॥
हारे का सहारा श्याम, लखदातार सुजान।
पूजा सखी नित्य जपे, पावे प्रेम विहान॥