श्याम तेरे भरोसे मेरी नाव है तू ही तो मेरा खेवनहार है

पूजा सखी
अन्य भजन भजन पूजा सखी
॥ दोहा ॥

बीच भंवर में नाव है, तू ही खेवनहार।
पूजा सखी पुकारसी, कर दो भव से पार॥

॥ चौपाई ॥

श्याम तेरे भरोसे मेरी नाव है।
तू ही तो मेरा खेवनहार है॥
श्याम तेरे भरोसे मेरी नाव है॥

संसार के थपेड़े चाहे जितने सताएं।
तूफान भी आए तो कदम न डगमगाएं॥
जब सिर पे तुम्हारा वरद हाथ है।
श्याम तेरे भरोसे मेरी नाव है॥

मैंने तो छोड़ दी जग की ये डोरियां।
सच्ची हैं बस तेरी ही ये प्रीतियां॥
हारे का तू ही सच्चा प्यार है।
श्याम तेरे भरोसे मेरी नाव है॥

पूजा सखी कहे खाटू वाले सुनो।
अपने सेवकों में मेरा नाम चुनो॥
चरणों में तेरे मेरा संसार है।
श्याम तेरे भरोसे मेरी नाव है॥

॥ दोहा ॥

हारे का सहारा श्याम, लखदातार सुजान।
पूजा सखी नित्य जपे, पावे प्रेम विहान॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

जीवन की नैया को खाटू वाले श्याम के भरोसे छोड़ कर पूर्ण निश्चिंत हो जाने का शरणागति भजन।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।