श्याम नाम अनमोल खजाना (लूट सके तो लूट)

संजय मित्तल
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॥ दोहा ॥

श्याम नाम धन पायो रे, अमोलक है यह मोल।
खरचे नहीं कोई चोर चुरावे, रसना मीठी बोल॥

॥ चौपाई ॥

श्याम नाम अनमोल खजाना, लूट सके तो लूट ले।
खाटू वाले का ये खजाना, लूट सके तो लूट ले॥
श्याम नाम अनमोल खजाना॥

हीरे मोती सब रह जाएँगे, इस नश्वर संसार में।
श्याम नाम ही संग चलेगा, अंतिम समय पुकार में॥
इस नाम की महिमा भारी, इसका अमृत घूंट ले।
श्याम नाम अनमोल खजाना॥

जिसने जपा ये नाम लगन से, उसका बेड़ा पार हुआ।
कलयुग के इस भवसागर में, वो भव से उद्धार हुआ॥
सच्चे मन से लगन लगा के, बंधन सारे तोड़ ले।
श्याम नाम अनमोल खजाना॥

संजय मित्तल कहे पुकार के, सुन ले ओ नादान रे।
श्याम शरण में शीश झुका ले, होगा कल्याण रे॥
श्याम नाम अनमोल खजाना, लूट सके तो लूट ले॥

॥ दोहा ॥

नाम की महिमा अगम अपारा, कह न सके कोई भेद।
संजय मित्तल श्याम भजु, साखी चारों वेद॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

इस भजन में भगवान खाटू श्याम जी के पावन नाम को सबसे बड़ा आध्यात्मिक धन बताते हुए सांसारिक मोह त्यागकर नाम सुमिरन करने की प्रेरणा दी गई है।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।