श्याम नाम धन पायो रे, अमोलक है यह मोल।
खरचे नहीं कोई चोर चुरावे, रसना मीठी बोल॥
श्याम नाम अनमोल खजाना, लूट सके तो लूट ले।
खाटू वाले का ये खजाना, लूट सके तो लूट ले॥
श्याम नाम अनमोल खजाना॥
हीरे मोती सब रह जाएँगे, इस नश्वर संसार में।
श्याम नाम ही संग चलेगा, अंतिम समय पुकार में॥
इस नाम की महिमा भारी, इसका अमृत घूंट ले।
श्याम नाम अनमोल खजाना॥
जिसने जपा ये नाम लगन से, उसका बेड़ा पार हुआ।
कलयुग के इस भवसागर में, वो भव से उद्धार हुआ॥
सच्चे मन से लगन लगा के, बंधन सारे तोड़ ले।
श्याम नाम अनमोल खजाना॥
संजय मित्तल कहे पुकार के, सुन ले ओ नादान रे।
श्याम शरण में शीश झुका ले, होगा कल्याण रे॥
श्याम नाम अनमोल खजाना, लूट सके तो लूट ले॥
नाम की महिमा अगम अपारा, कह न सके कोई भेद।
संजय मित्तल श्याम भजु, साखी चारों वेद॥