श्याम की लाठी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Khatu Dham Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

सांवरिये की लाठी में आवाज़ कभी ना आएगी,

सब दरवाजे बंद मिलेंगे जिस दिन ये पड़ जाएंगी,

सांवरिये की लाठी में.....

तुझ से अच्छा कोई नहीं है दर पे दिखावा करता है,

धीरे धीरे घड़ा पाप का इस दुनिया में भरता हे,

जितनी भी तू अकडं दिखालें,

जितनी भी तू अकडं दिखालें धरी यही रह जाएगी,

सब दरवाजे बंद मिलेंगे जिस दिन ये पड़ जाएंगी,

सांवरिये की लाठी में.....

स्वार्थ में तू अंधा हो कर भूल गया रिश्ते नाते,

समझ में आती है बस तुझको अपने मतलब की बातें,

चाहे जितनी जोड़ ले दौलत,

चाहे जितनी जोड़ ले दौलत धरी यही रह जाएगी,

सब दरवाजे बंद मिलेंगे जिस दिन ये पड़ जाएंगी,

सांवरिये की लाठी में....

खाटू वाले के खातिर तो प्रेमी सभी बराबर है,

एक तराजू सबको तोलें नजर श्याम की सब पर हे,

जैसा भाव लाएं सांवरिया,

जैसा भाव संतो की वाणी लाए वैसी झोली भर जाएंगी,

सब दरवाजे बंद मिलेंगे जिस दिन ये पड़ जाएंगी,

सांवरिये की लाठी में,

बोलो श्याम बोलों श्याम श्याम श्याम श्याम.....

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

श्याम की लाठी | Shyam Ki Laathi

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।