श्याम चूड़ी बेचने आया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

मनहारी का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ।

छलिया का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ॥

झोली कंधे धरी,

उस में चूड़ी भरी ।

गलिओं में चोर मचाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ॥

राधा ने सुनी, ललिता से कही ।

मोहन को तरुंत बुलाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ॥

चूड़ी लाल नहीं पहनू,

चूड़ी हरी नहीं पहनू ।

मुझे श्याम रंग है भाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ॥

राधा पहनन लगी, श्याम पहनाने लगे ।

राधा ने हाथ बढाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ॥

राधे कहने लगी, तुम हो छलिया बढे ।

धीरे से हाथ दबाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ॥

Santo Ki Vani Lyrics

मनहारी का भेस बनाया,

श्याम चूड़ी बेचने आया ।

छलिया का भेस बनाया,

॥ दोहा ॥

श्याम चूड़ी बेचने आया ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।