॥ दोहा ॥
राधा साध्यम राधा साधन, राधा ही सर्वस्व।
इंद्रेश हिय में रम रहे, राधा नाम तत्व॥
॥ चौपाई ॥
श्री राधा साध्यम साधनं राधा।
मन्त्रो राधा मन्त्रदात्री च राधा॥
सर्वं राधा जीवनं यस्य राधा।
राधा राधा वाचि किं तस्य शेषम्॥
ज्ञान भी राधा ध्यान भी राधा।
भक्ति की पावन सरिता राधा॥
कृष्ण की प्राण संजीवनी राधा।
श्री राधा साध्यम साधनं राधा॥
बरसाने की महारानी राधा।
गोपियों की सिरमौर श्री राधा॥
भव भय भंजन हारिणी राधा।
श्री राधा साध्यम साधनं राधा॥
इंद्रेश कहे जपो राधा राधा।
कट जाएगी भव की सब बाधा॥
अमृत रस बरसाने वाली।
श्री राधा साध्यम साधनं राधा॥
॥ दोहा ॥
राधा नाम परब्रह्म है, राधा रूप अनूप।
इंद्रेश गावे प्रेम से, शांत करे भव धूप॥