श्री राधा साध्यम साधनं राधा मन्त्रो राधा मन्त्रदात्री च राधा

इंद्रेश जी महाराज
श्री कृष्ण भजन भजन इंद्रेश जी महाराज
॥ दोहा ॥

राधा साध्यम राधा साधन, राधा ही सर्वस्व।
इंद्रेश हिय में रम रहे, राधा नाम तत्व॥

॥ चौपाई ॥

श्री राधा साध्यम साधनं राधा।
मन्त्रो राधा मन्त्रदात्री च राधा॥
सर्वं राधा जीवनं यस्य राधा।
राधा राधा वाचि किं तस्य शेषम्॥

ज्ञान भी राधा ध्यान भी राधा।
भक्ति की पावन सरिता राधा॥
कृष्ण की प्राण संजीवनी राधा।
श्री राधा साध्यम साधनं राधा॥

बरसाने की महारानी राधा।
गोपियों की सिरमौर श्री राधा॥
भव भय भंजन हारिणी राधा।
श्री राधा साध्यम साधनं राधा॥

इंद्रेश कहे जपो राधा राधा।
कट जाएगी भव की सब बाधा॥
अमृत रस बरसाने वाली।
श्री राधा साध्यम साधनं राधा॥

॥ दोहा ॥

राधा नाम परब्रह्म है, राधा रूप अनूप।
इंद्रेश गावे प्रेम से, शांत करे भव धूप॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

श्री राधा तत्व का परम दार्शनिक एवं आध्यात्मिक निरूपण—राधा ही साध्य हैं, राधा ही साधन हैं और राधा ही संपूर्ण जीवन हैं।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।