माता पार्वती - आरती

पारंपरिक
महादेव आरती Aarti Maa Parvati Aarti
॥ पावन पाठ ॥

जय पार्वती माता,

जय पार्वती माता

ब्रह्मा सनातन देवी,

शुभ फल की दाता ।

॥ जय पार्वती माता... ॥

अरिकुल कंटक नासनि,

निज सेवक त्राता,

जगजननी जगदम्बा,

हरिहर गुण गाता ।

॥ जय पार्वती माता... ॥

सिंह को वहान साजे,

कुंडल है साथा,

देव वधू जस गावत,

नृत्य करत ता था ।

॥ जय पार्वती माता... ॥

सतयुग रूप शील अतिसुंदर,

नाम सती कहलाता,

हेमाचंल घर जन्मी,

सखियाँ संगराता ।

॥ जय पार्वती माता... ॥

शुम्भ निशुम्भ विदारे,

हेमाचंल स्थाता,

सहस्त्र भुजा तनु धरिके,

चक्र लियो हाथा ।

॥ जय पार्वती माता... ॥

सृष्टि रूप तुही है जननी,

शिव संग रंगराता,

नन्दी भृंगी बीन लही,

सारा जग मदमाता ।

॥ जय पार्वती माता... ॥

देवन अरज करत हम,

चरण ध्यान लाता,

तेरी कृपा रहे तो,

मन नहीं भरमाता ।

॥ जय पार्वती माता... ॥

मैया जी की आरती,

भक्ति भाव से जो नर गाता,

नित्य सुखी रह करके,

सुख संपत्ति पाता ।

॥ जय पार्वती माता... ॥

जय पार्वती माता,

जय पार्वती माता,

ब्रह्मा सनातन देवी,

शुभ फल की दाता ।

जय पार्वती माता,

जय पार्वती माता

ब्रह्मा सनातन देवी,

शुभ फल की दाता ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।