खाटू श्याम आरती

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती Aarti Shri Khatu Shyam Aarti
॥ पावन पाठ ॥

ॐ जय श्री श्याम हरे,

बाबा जय श्री श्याम हरे ।

खाटू धाम विराजत,

अनुपम रूप धरे॥

ॐ जय श्री श्याम हरे,

बाबा जय श्री श्याम हरे ।

रतन जड़ित सिंहासन,

सिर पर चंवर ढुरे ।

तन केसरिया बागो,

कुण्डल श्रवण पड़े ॥

ॐ जय श्री श्याम हरे,

बाबा जय श्री श्याम हरे ।

गल पुष्पों की माला,

सिर पार मुकुट धरे ।

खेवत धूप अग्नि पर,

दीपक ज्योति जले ॥

ॐ जय श्री श्याम हरे,

बाबा जय श्री श्याम हरे ।

मोदक खीर चूरमा,

सुवरण थाल भरे ।

सेवक भोग लगावत,

सेवा नित्य करे ॥

ॐ जय श्री श्याम हरे,

बाबा जय श्री श्याम हरे ।

झांझ कटोरा और घडियावल,

शंख मृदंग घुरे ।

भक्त आरती गावे,

जय-जयकार करे ॥

ॐ जय श्री श्याम हरे,

बाबा जय श्री श्याम हरे ।

जो ध्यावे फल पावे,

सब दुःख से उबरे ।

सेवक जन निज मुख से,

श्री श्याम-श्याम उचरे ॥

ॐ जय श्री श्याम हरे,

बाबा जय श्री श्याम हरे ।

श्री श्याम बिहारी जी की आरती,

जो कोई नर गावे ।

कहत भक्त-जन,

मनवांछित फल पावे ॥

ॐ जय श्री श्याम हरे,

बाबा जय श्री श्याम हरे ।

जय श्री श्याम हरे,

बाबा जी श्री श्याम हरे ।

निज भक्तों के तुमने,

पूरण काज करे ॥

ॐ जय श्री श्याम हरे,

बाबा जय श्री श्याम हरे ।

ॐ जय श्री श्याम हरे,

बाबा जय श्री श्याम हरे।

खाटू धाम विराजत,

अनुपम रूप धरे॥

ॐ जय श्री श्याम हरे,

बाबा जय श्री श्याम हरे ।

श्री श्याम विनती: हाथ जोड़ विनती करू तो सुनियो चित्त लगाये!

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।