श्री जगन्नाथ संध्या आरती

पारंपरिक
श्री कृष्ण आरती Aarti Jagannath Aarti Aarti
॥ पावन पाठ ॥

अनंत रूप अन्नांत नाम

अनंत रूप अन्नांत नाम,

अनंत रूप अन्नांत नाम,

आधी मूला नारायाणा

आधी मूला नारायाणा

अनंत रूप अन्नांत नाम,

अनंत रूप अन्नांत नाम,

आधी मूला नारायाणा

आधी मूला नारायाणा

विस्वा रूपा विस्वा धारा

विस्वा रूपा विस्वा धारा

विस्ववयापका नारायाणा

विस्ववयापका नारायाणा

विस्वा तेजसा प्रज्ञा स्वरूपा

विस्वा तेजसा प्रज्ञा स्वरूपा

हे ढाया सिंधो कृष्णा हे ढाया

अनंता सयाना हे जगानाथा

अनंता सयाना हे जगानाथा

कमला नयना हे माधवा

कमला नयना हे माधवा

करुणा सागरा कालिया नर्धना

करुणा सागरा कालिया नर्धना

हे ढाया सिंधो कृष्णा

हे ढाया सिंधो कृष्णा

हे कृपा सिंधो कृष्णा

हे कृपा सिंधो कृष्णा

अनंत रूप अन्नांत नाम,

अनंत रूप अन्नांत नाम,

आधी मूला नारायाणा

आधी मूला नारायाणा

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

अनंत रूप अन्नांत नाम, आधी मूला नारायाणा Anant Roop Annant Naam, Aadhi Moola Narayana

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।