आरती: श्री गणेश - शेंदुर लाल चढ़ायो

संत सूरदास
श्री गणेश आरती Aarti Shri Ganesh Aarti
॥ पावन पाठ ॥

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको ।

दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको ।

हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको ।

महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको ॥

जय देव जय देव..

जय देव जय देव,

जय जय श्री गणराज

विद्या सुखदाता

धन्य तुम्हारा दर्शन

मेरा मन रमता,

जय देव जय देव ॥

अष्टौ सिद्धि दासी संकटको बैरि ।

विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी ।

कोटीसूरजप्रकाश ऐबी छबि तेरी ।

गंडस्थलमदमस्तक झूले शशिबिहारि ॥

जय देव जय देव..

जय देव जय देव,

जय जय श्री गणराज

विद्या सुखदाता

धन्य तुम्हारा दर्शन

मेरा मन रमता,

जय देव जय देव ॥

भावभगत से कोई शरणागत आवे ।

संतत संपत सबही भरपूर पावे ।

ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे ।

गोसावीनंदन निशिदिन गुन गावे ॥

जय देव जय देव,

जय जय श्री गणराज

विद्या सुखदाता

धन्य तुम्हारा दर्शन

मेरा मन रमता,

जय देव जय देव ॥

श्री सिद्धिविनायक मंदिर आरती: जय देव जय देव

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।