श्री दुर्गा मन्त्र

पारंपरिक
माता दुर्गा मंत्र Mantra Shri Durga Mantra Mantra
॥ पावन पाठ ॥

देवी दुर्गा हिन्दु धर्म में पूजे जाने वाले सर्वाधिक लोकप्रिय देवी-देवताओं में से एक हैं। नवरात्रि उत्सव के समय नौ दिनों तक देवी दुर्गा के नौ भिन्न-भिन्न रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है।

भक्तगण, श्री देवी जी की कृपा प्राप्ति हेतु, देवी मन्त्र का जाप करते हैं। देवी देवी के कुछ अत्यन्त लोकप्रिय मन्त्र निम्नलिखित हैं। देवी दुर्गा की साधना हेतु इन मन्त्रों को अत्यधिक प्रभावशाली माना जाता है।

1. दुर्गा बीज मन्त्र

ॐ दुं दुर्गायै नमः।

2. दुर्गा नवार्ण मन्त्र

ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।

3. दुर्गा गायत्री मन्त्र

ॐ गिरिजायै च विद्महे शिवप्रियायै च धीमहि।

तन्नो दुर्गा प्रचोदयात्॥

4. दुर्गा स्तुति मन्त्र

ॐ सर्वमङ्गलमङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।

शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तुते॥

ॐ सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्तिसमन्विते।

भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तुते

5. दुर्गा ध्यान मन्त्र

ॐ जटा-जूट-समायुक्तमर्धेन्दु-कृत-लक्षणाम्।

लोचनत्रय-संयुक्तां पद्मेन्दुसद्यशाननाम्॥

6. दुर्गा एकाक्षरी मन्त्र

दुं॥

7. दुर्गा अष्टाक्षर मन्त्र

ॐ ह्रीं दुं दुर्गायै नमः।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

श्री दुर्गा मन्त्र | श्री दुर्गा मन्त्र बोल हिन्दी अंग्रेज़ी में | Shri Durga Mantra | Read Shri Durga Mantra Name in English

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।