श्री गणपति महाराज, मंगल बरसाओ

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

श्री गणपति महाराज,

मंगल बरसाओ,

शिव जी के प्यारे,

मैया गौरा के दुलारे,

देवों के सरताज,

मंगल बरसाओ,

श्रीं गणपति महाराज,

मंगल बरसाओ ॥

प्रथम गजानंद तुमको मनाऊँ,

विनती करूँ कर जोड़ के बुलाऊँ,

सफल करो सब काज,

मंगल बरसाओ,

श्रीं गणपति महाराज,

मंगल बरसाओ ॥

रिद्धि और सिद्धि दोनों साथ में लाना,

शुभ और लाभ को भूल ना जाना,

मूषक पर चढ़ आज,

मंगल बरसाओ,

श्रीं गणपति महाराज,

मंगल बरसाओ ॥

पुष्पों के हार देवा तुम्हे पहनाऊं,

लाडू और मोदक से भोग लगाऊं,

धुप दिप धरूँ साज,

मंगल बरसाओ,

श्रीं गणपति महाराज,

मंगल बरसाओ ॥

भक्त तुम्हारे मिल महिमा गाते,

मधुर मधुर देवा भजन सुनाते,

ढोल मृदंग रहे बाज,

मंगल बरसाओ,

श्रीं गणपति महाराज,

मंगल बरसाओ ॥

‘अमर’ तुम्हारे है चरणों का चाकर,

दरश प्रभु दिखला दो आकर,

रख लो हमारी लाज,

मंगल बरसाओ,

श्रीं गणपति महाराज,

मंगल बरसाओ ॥

श्री गणपति महाराज,

मंगल बरसाओ,

शिव जी के प्यारे,

मैया गौरा के दुलारे,

देवों के सरताज,

मंगल बरसाओ,

श्रीं गणपति महाराज,

॥ दोहा ॥

मंगल बरसाओ ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: श्री गणपति महाराज, मंगल बरसाओ | Bhajan: Shree Ganpati Maharaj Mangal Barsao Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।