शिव स्तुति: ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं (Shiv Stuti: Om Vande Dev Umapatin Surguru)

संत सूरदास
श्री कृष्ण मंत्र Mantra Shiv Mantra
॥ पावन पाठ ॥

ॐ वन्दे देव उमापतिं सुरगुरुं,

वन्दे जगत्कारणम् ।

वन्दे पन्नगभूषणं मृगधरं,

वन्दे पशूनां पतिम् ॥

वन्दे सूर्य शशांक वह्नि नयनं,

वन्दे मुकुन्दप्रियम् ।

वन्दे भक्त जनाश्रयं च वरदं,

वन्दे शिवंशंकरम् ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।