शिव शंकर की कृपा हो जाए

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

शिव शंकर की कृपा हो जाए

शिव, शंकर, की कृपा, हो जाए,

जीवन की, हर बाधा, मेरी हल, हो जाए ॥

दर्शन को, तेरे मंदिर आऊँ,

संतो की वाणी लिरिक्स

तेरा मंदिर, ही मेरा, दूसरा घर, हो जाए...

शिव, शंकर, की कृपा, हो जाए...

थाम ले, आकर, तूँ मुझको ।

बन, जाए हर, बात मेरी ।

रखवाला, हर, दुखिया का ।

तूँ ही, सुनता, बात मेरी ।

तेरी, चौखठ हो, मेरा सर हो,

बस इतना, ही हो, जाए...

शिव, शंकर, की कृपा, हो जाए...

अर्ज़ी, मेरी, स्वीकार करो ।

मुझको, भाव से, पार करो ।

नाव, मेरी, डगमग डोले ।

मेरा भी, उद्धार करो ।

तेरे, दर पे रहूँ, तेरे, घर में रहूँ,

यूँ ही, जीवन, बीत ये जाए...

शिव, शंकर, की कृपा हो जाए...

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

शिव शंकर की कृपा हो जाए, शिव, शंकर, की कृपा, हो जाए, जीवन की, हर बाधा, मेरी हल, हो जाए ॥ Shiv Shankar Ki Kripa Ho Jaye, Shiv, Shankar, Ki Kripa, Ho Jaye, Jivan Ki, Har Badha, Meri Hal, Ho Jaye ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।