शिव भोले भंडारी, बम भोले औघड़दानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

शिव भोले भंडारी,

बम भोले औघड़दानी,

भंडारी भोले भंडारी,

शिव भोला भंडारी,

बम भोले औघड़दानी ॥

तीनो लोक में नाम तेरो है,

नाम तेरो है भोला नाम तेरो है,

दर पे आते है नर नारी,

शिव भोला भंडारी,

शिव भोला भंडारी,

बम भोले औघड़दानी ॥

हे भूतेशर हे ममलेश्वर,

हे भूतेशर हे ममलेश्वर,

डमरू बजाए त्रिपुरारी,

शिव भोला भंडारी,

शिव भोला भंडारी,

बम भोले औघड़दानी ॥

ब्रम्हादिक मुनि तेरो यश गावे,

ब्रम्हादिक मुनि तेरो यश गावे,

पूजे दुनिया सारी,

शिव भोला भंडारी,

शिव भोला भंडारी,

बम भोले औघड़दानी ॥

शिव भोले भंडारी,

बम भोले औघड़दानी,

भंडारी भोले भंडारी,

शिव भोला भंडारी,

॥ दोहा ॥

बम भोले औघड़दानी ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।