शिव भोला भंडारी

संत सूरदास
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

शिव भोला भंडारी,

सुख का त्योहार,

मिले डमरू के ताल,

सुख का त्योहार,

मिले डमरूके ताल,

करे दुख पिडा पार जटाधारी,

शिव भोला भंडारी,

शिव भोला भंडारी ॥

ॐकारेश्वर… बम बम भोले,

निलकंठेश्वर… बम बम भोले,

केदारेश्वर… बम बम भोले,

जय शिवशंकर… बम बम भोले,

जय शिव शंभो… बम बम भोले,

जय त्रिपुरारी… बम बम भोले,

शंखनाद त्रिनिनाद बाजे,

भस्मलेप शृंगार भी साजे,

जटा मुकुट पर गंगा विराजे,

बबम बम बबम भोले,

क्रोध कोप सूरहि भयभीत,

व्याघ्रवस्त्र रुद्राक्ष सहित,

दान तेरा वरदान निहीत,

बबम बम बबम भोले,

शिव भोला भण्डारी,

शिव भोला भंडारी ॥

कण कण में है तेरा बसेरा,

नैन न जिसको तू उजीयारा,

सुख कि आहट आस भी तू है,

बुझने न पाये वो प्यास भी तू है,

तुहि मेरा राम भोले तुहि घनश्याम,

तुहि मेरा राम भोले तुहि घनश्याम,

दिन रात जाप में मैने है गुजारी,

शिव भोला भण्डारी,

॥ दोहा ॥

शिव भोला भंडारी ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।