श्रद्धा राम फिल्लौरी

पारंपरिक
श्री राम संत साहित्य Bhakt Shraddha Ram Phillauri Bhakt
॥ पावन पाठ ॥

भक्तमाल | श्रद्धा राम फिल्लौरी

वास्तविक नाम - पं. श्रद्धा राम शर्मा

आराध्य - भगवान विष्णु

जन्म – 30 सितम्बर, 1837

जन्म स्थान - फिल्लौर, दल्लेवालिया मिस्ल, सिख साम्राज्य

वैवाहिक स्थिति: विवाहित

भाषा- हिन्दी, संस्कृत, पंजाबी, उर्दू, फ़ारसी

पिता - जय दयालू

पत्नी - महताब कौर

प्रसिद्ध - भजन लेखक, दार्शनिक, आध्यात्मिक नेता

श्रद्धा राम फिल्लौरी एक भारतीय लेखक, कवि और समाज सुधारक थे जिन्हें हिंदी और पंजाबी साहित्य में उनके योगदान के लिए याद किया जाता है। उन्हें उनके हिंदू धार्मिक भजन ओम जय जगदीश हरे और हिंदी के पहले उपन्यासों में से एक भाग्यवती के लिए जाना जाता है।

श्रद्धा राम फिल्लौरी प्रसिद्ध आरती ओम जय जगदीश हरे के रचयिता हैं। उन्होंने लुधियाना में एक हिंदू स्कूल की स्थापना की, जहाँ संस्कृत और फ़ारसी दोनों पढ़ाई जाती थीं। इसके अलावा, उन्होंने ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए एक हिंदू सभा का आयोजन किया। पंडितजी ने धर्म रक्षा सहित कई पुस्तकें और ट्रैक्ट प्रकाशित किए।

पंडित जी की सनातन धर्म के प्रति सेवाएँ अपार हैं।

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

श्रद्धा राम फिल्लौरी | Shardha Ram Phillauri

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।