शरण आप री आया मैया

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Shardiya Navratri Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

शरण आप री आया मैया, आस पुरावो मारी जी

कारज सारों नी जोधाणा री मावड़ी

राव जोधा जी नगर बसायो,गढ़ री नीव लगाय जी

दक्षिण छोर में मन्दिर थापियों

चिड़ियानाथ जी श्राप दियो मां,मुख नही देखे पोता रो

पाणी रा फोड़ा तो जोधाणा में पडसी

संतो की वाणी लिरिक्स

मंडोवर सु उतरी भवानी, परिहारो री कुलदेवी मां

सन 14 में किले आविया

सुता राजा ने सपनो आयो,दर्शन दिना आय जी

राव जोधा ने पर्चो देवियों

भारत पाक रो झगड़ो रचियो, 65 71 री साल जी

सांवली बणने पंख पसारिया

उड़न खटोला आया पाक सु, गोला बारूद गिराया जी

गढ़ जोधाणा ने मैया बचावियो

महिषासुर रो वध करियो मां ,काली रूप बनायों जी

दुखड़ा तो मेटिया माता चामुंडा

काला गोरा भेरू संग में , सिंह री असवारी जी

जग री कल्याणी मोटी मावड़ी

जात जड़ूला मैया थारे, चरणा धोक लगावा जी

मेलो भरीजे नोरतो में जोर रो

सूर्य नगरी पर मेहर राखो,करण प्रजापत गावे जी

किले री धणीयोणी हेलो सांभलो

गायक - करण प्रजापत

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।